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Jul 12, 2016 · 1 min read

यादें

सोचता हूँ अब याद न करूँ..
उस बुरे वक्त को
उस कठिन राह को
उस भयभीत पल को
उस भयावह कल को
मगर कमबख्त ये यादें
याद आ ही जाती हैं
__________________बृज

1 Like · 1 Comment · 286 Views
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