Sep 30, 2016 · 1 min read

मोटूमल का भोजन

खाते रात दिवस रहे, मोटूमल भरपेट।
लड्डू पेड़ा और सभी, होता उनको भेंट।
होता उनको भेंट, भोग सबका है लगता।
जो भी मुख को भाय,सदा थाली में सजता।
कह महंत कविराय, कभी भी रहे न भूखे
हरदम भोजन ठूँस, सदा देखे हैं खाते।।

142 Views
You may also like:
गाँव कुछ बीमार सा अब लग रहा है
Pt. Brajesh Kumar Nayak
हायकु
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
उसके मेरे दरमियाँ खाई ना थी
Khalid Nadeem Budauni
दिल की ख्वाहिशें।
Taj Mohammad
वैवाहिक वर्षगांठ मुक्तक
अभिनव मिश्र अदम्य
दुनियाँ की भीड़ में।
Taj Mohammad
एक पिता की जान।
Taj Mohammad
प्रार्थना
Anamika Singh
दो बिल्लियों की लड़ाई (हास्य कविता)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
नीति के दोहे 2
Rakesh Pathak Kathara
नया सूर्योदय
Vikas Sharma'Shivaaya'
आगे बढ़,मतदान करें।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
*•* रचा है जो परमेश्वर तुझको *•*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
एक ख़्वाब।
Taj Mohammad
संकोच - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जीने की वजह तो दे
Saraswati Bajpai
भगवान परशुराम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हे परम पिता परमेश्वर, जग को बनाने वाले
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा (व्यंग्य)
श्री रमण
आजमाइशें।
Taj Mohammad
चल अकेला
Vikas Sharma'Shivaaya'
पिता
Dr.Priya Soni Khare
कभी भीड़ में…
Rekha Drolia
सजना शीतल छांव हैं सजनी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ढह गया …
Rekha Drolia
मोहब्बत की दर्द- ए- दास्ताँ
Jyoti Khari
फरियाद
Anamika Singh
शायरी ने बर्बाद कर दिया |
Dheerendra Panchal
चेहरा तुम्हारा।
Taj Mohammad
स्याह रात ने पंख फैलाए, घनघोर अँधेरा काफी है।
Manisha Manjari
Loading...