Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#16 Trending Author
Apr 26, 2022 · 1 min read

मैं हो गई पराई…..

मैं हो गई सब से पराई
तेरे साथ जो हो गई सगाई….!!
मुझे रहना था ‘खुद’ के संग
हुआ कैसे… ऐ संभव…!..!!
जो..हो गई मैं तेरे संग…!!!!

91 Views
You may also like:
सूरज काका
Dr Archana Gupta
ग़ज़ल
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
✍️बुलडोझर✍️
"अशांत" शेखर
*तिरछी नजर *
Dr. Alpa H. Amin
✍️जीवन की ऊर्जा है पिता...!✍️
"अशांत" शेखर
चलो जहाँ की रूसवाईयों से दूर चलें
VINOD KUMAR CHAUHAN
जूते जूती की महिमा (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
पिता
Rajiv Vishal
🌺🌺🌺शायद तुम ही मेरी मंजिल हो🌺🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
✍️मुझे कातिब बनाया✍️
"अशांत" शेखर
💐साधकस्य निष्ठा एव कल्याणकर्त्री💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मुक्तक
AJAY PRASAD
चलना ही पड़ेगा
Mahendra Narayan
होली का संदेश
Anamika Singh
मेरे गांव में होने लगा है शामिल थोड़ा शहर:भाग:2
AJAY AMITABH SUMAN
हिन्दी साहित्य का फेसबुकिया काल
मनोज कर्ण
होते हैं कई ऐसे प्रसंग
Dr. Alpa H. Amin
💐तर्जुमा💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अस्मतों के बाज़ार लग गए हैं।
Taj Mohammad
सरकारी निजीकरण।
Taj Mohammad
गनर यज्ञ (हास्य-व्यंग)
दुष्यन्त 'बाबा'
कभी मिट्टी पर लिखा था तेरा नाम
Krishan Singh
परदेश
DESH RAJ
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग ५]
Anamika Singh
मेरे पापा
Anamika Singh
तेरे दिल में कोई और है
Ram Krishan Rastogi
एक वीरांगना का अन्त !
Prabhudayal Raniwal
✍️✍️जूनून में आग✍️✍️
"अशांत" शेखर
विलुप्त होती हंसी
Dr Meenu Poonia
वो कली मासूम
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...