Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

मैं धरती पर नीर हूं निर्मल, जीवन मैं ही चलाता हूं

मैं बर्षा का नीर हूं निर्मल
उज्जवल धारा में बहता हूं
बादल बनकर उड़ता फिरता
रिमझिम धरती पर गिरता हूं
आता हूं मूसलाधार कभी
हाहाकार मचा देता हूं
नदी नाले ताल तलैया
कुएं बावड़ी भरता हूं
धरती पर हरियाली लाता
सब की प्यास बुझाता हूं
जीवन हूं मैं सब जीवों का
जल जीवन देता हूं
उपजाता हूं अन्नधान्य
वृक्षों को जीवन देता हूं
जल जंगल जमीन शिखर
सबकी सुध लेता हूं
मैं नदिया का नीर हूं निर्मल
उज्जवल धारा में बहता हूं
चलते रहना ही धर्म मेरा
मैं गतिशील रहता हूं
गंतव्य पर जाकर
स्वामी (समुद्र) के जल में जा मिलता हूं
उड़ जाता हूं बाष्प रूप में
और बादल बन जाता हूं
जीव जंतु कि त्रिशा मिटाने
धरती पर आ जाता हूं
मैं बर्षा का नीर हूं निर्मल
उज्जवल धारा में बहता हूं

सुरेश कुमार चतुर्वेदी

5 Likes · 2 Comments · 108 Views
You may also like:
तपों की बारिश (समसामयिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
* तेरी चाहत बन जाऊंगा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*दर्शन प्रभुजी दिया करो (गीत भजन)*
Ravi Prakash
*सर्वोत्तम शाकाहार है (गीत)*
Ravi Prakash
राह के कांटे हटाते ही रहें।
सत्य कुमार प्रेमी
उपदेश से तृप्त किया ।
Buddha Prakash
किसे फर्क पड़ता है।(कविता)
sangeeta beniwal
यशोधरा की व्यथा....
kalyanitiwari19978
शाश्वत सत्य की कलम से।
Manisha Manjari
✍️बचपन था जादुई चिराग✍️
'अशांत' शेखर
लिट्टी छोला
आकाश महेशपुरी
देवता सो गये : देवता जाग गये!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
गुफ़्तगू का ढंग आना चाहिए
अश्क चिरैयाकोटी
ऐसे ना करें कुर्बानी हम
gurudeenverma198
एक मंज़िल हमें मिले कैसे
Dr fauzia Naseem shad
आंखों में जब
Dr fauzia Naseem shad
मिल जाने की तमन्ना लिए हसरत हैं आरजू
Dr.sima
मैं वट हूँ
Rekha Drolia
मौसम यह मोहब्बत का बड़ा खुशगवार है
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
मांडवी
Madhu Sethi
✍️बसेरा✍️
'अशांत' शेखर
पिता के जैसा......नहीं देखा मैंने दुजा
Dr.Alpa Amin
शहीदों का यशगान
शेख़ जाफ़र खान
कोशिश
Shyam Sundar Subramanian
खुद को भी
Dr fauzia Naseem shad
✍️अश्क़ का खारा पानी ✍️
'अशांत' शेखर
विश्वास
Harshvardhan "आवारा"
तलाश
Dr. Rajeev Jain
जिन्दगी का सफर
Anamika Singh
डिजिटल प्यार था हमरा
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
Loading...