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23 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-512💐

मेरे गीतों की नायिका मूर्ख है और जो भाव दे रहें लिखने के लिए वह ईश्वर हैं।ईश्वर समझा रहे हैं कि नायिका ही मेरी माया है।मैं जड़ इसे समझ नहीं पा रहा हूँ।यह समझ के भी।क्यों?पता है,मैं अभी भी ईश्वर का नहीं हूँ।अभी भी नहीं।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
193 Views
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