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17 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-457💐

मेरी उल्फ़त के आगे न टिक सके वो,
लौटकर आवाज़ा-कशी भी न दे सके वो,
अब वक़्त तय करेगा तिरे मिरे इश्क़ के निसाँ,
इक तसल्ली की बरबादियाँ भी न दे सके वो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
114 Views
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