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*** मेरा ***

ख़्वाहिश थी तेरी या फिर सिर फिरा था मेरा

बज़्म में आकर अक्सर नाम लेते थे जो मेरा

मैं अक्सर तुम्हें समझ बैठा था जो अपना तो

लोग कहने लगे सिरफिरा नाम जो ठहरा मेरा ।।

?मधुप बैरागी

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