Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2022 · 1 min read

मेरा जीवन बंजारा

मेरा ये जीवन बंजारा,
मेरे मन को भाता है।
फूलों के संग शूलो सा,
सुख दुःख से अपना नाता है।
सुख की है परवाह किसे
संघर्ष ही अपने साथी हैं।
मेहनतकश हाथों से हमको,
तकदीर बदलनी आती है।
है ईश प्रभु का कुछ ऐसा,
झंझावात में भी दीप जला।
क्यों हम हारे वो जीत गये,
ऐसा भी न हमको कोई गिला।
पर कभी-कभी मेरा ये मन,
नितान्त उद्विग्न हो जाता है ।
जो अडिग निरत संघर्षों में
सूनेपन से डर जाता है।
कुछ अन्तर में पलते सपने,
जीने का यही सहारा हैं।
निज लक्ष्य वरें या स्वजन चुनें
इस दुविधा में मन हारा है।
स्वजनों से ही है जीवन
पर लक्ष्य भी जीवन स्पन्दन।
कुछ समझ न पाता मेरा मन,
आर्त हृदय करता क्रन्दन।

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 183 Views

Books from Saraswati Bajpai

You may also like:
या ख़ुदा पाँव में बे-शक मुझे छाले देना
या ख़ुदा पाँव में बे-शक मुझे छाले देना
Anis Shah
दिल में बस जाओ
दिल में बस जाओ
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कहीं पहुंचने
कहीं पहुंचने
Ranjana Verma
बेटी दिवस की बधाई
बेटी दिवस की बधाई
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
भगवान का शुक्र है आपका कोई पैगाम तो आया।
भगवान का शुक्र है आपका कोई पैगाम तो आया।
Surinder blackpen
कहता नहीं मैं अच्छा हूँ
कहता नहीं मैं अच्छा हूँ
gurudeenverma198
मजदूर -भाग -एक
मजदूर -भाग -एक
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
आस पड़ोस का सब जानता है..
आस पड़ोस का सब जानता है..
कवि दीपक बवेजा
इन्तिजार तुम करना।
इन्तिजार तुम करना।
Taj Mohammad
No one in this world can break your confidence or heart unle
No one in this world can break your confidence or...
Nav Lekhika
आईने में अगर जो
आईने में अगर जो
Dr fauzia Naseem shad
💐प्रेम कौतुक-338💐
💐प्रेम कौतुक-338💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अन्नदाता किसान
अन्नदाता किसान
Shekhar Chandra Mitra
*** सागर की लहरें........!!! ***
*** सागर की लहरें........!!! ***
VEDANTA PATEL
कहाँ समझते हैं ..........
कहाँ समझते हैं ..........
Aadarsh Dubey
गुल्लक
गुल्लक
Buddha Prakash
JHIJHIYA DANCE IS A FOLK DANCE OF YADAV COMMUNITY
JHIJHIYA DANCE IS A FOLK DANCE OF YADAV COMMUNITY
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
Book of the day: धागे (काव्य संग्रह)
Book of the day: धागे (काव्य संग्रह)
Sahityapedia
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
It is good that it is bad. It could have been worse.
It is good that it is bad. It could have...
Dr Rajiv
डर होता है
डर होता है
अभिषेक पाण्डेय ‘अभि’
रंगे अमन
रंगे अमन
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कोरोना
कोरोना
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
. खुशी
. खुशी
Vandana Namdev
झरना
झरना
Satish Srijan
"जान-बूझकर
*Author प्रणय प्रभात*
सांसें थम सी गई है, जब से तु म हो ।
सांसें थम सी गई है, जब से तु म हो...
Chaurasia Kundan
प्रणय निवेदन
प्रणय निवेदन
पंकज पाण्डेय सावर्ण्य
कहमुकरी
कहमुकरी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
*धर्मप्राण श्री किशोरी लाल चॉंदीवाले : शत-शत नमन*
*धर्मप्राण श्री किशोरी लाल चॉंदीवाले : शत-शत नमन*
Ravi Prakash
Loading...