Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

मृत्यु शाश्वत सत्य !

मृत्यु शाश्वत सत्य !

माया भ्रम से मनुज मृत्यु को कहाँ याद रखता है,
प्रति पल प्रति छण वह धन पाने की चेष्टा करता है,
जीवन के अन्त्य छणो तक वह जीने की इच्छा रखता है,
निज संतति सुख हेतु सदा वह मन में चिंतित रहता है
लोभ, मोह, माया भ्रम, आत्मा शुद्ध न होने देते,
प्रति पल उसके विचार उसको कष्ट अधिक हैं देते,
इन्हीं कारणों से मानव की मृत्यु दुखद होती है,
इन्हीं विचारों के कारण उसको पीड़ा होती है,
अन्त्य समय में उसे पूर्ण जीवन स्मृति होती है,
अन्त्य छणो में सम्मुख उसके सभी कर्म होते हैं,
भले बुरे सब कर्मों के फल भी सम्मुख होते हैं
स्वयं मृत्यु जब सम्मुख आकर उसे निमंत्रण देती,
तक्षण धन को भूल स्वयं उसकी ये चेष्टा होती,
” काश मुझे कुछ छण का जीवन और अगर मिल जाता,
तो मेरे जीवन का अंतिम लक्षय पूर्ण हो जाता ”
इन्हीं विचारों में जब मानव लीन स्वयं होता है,
तक्षण उसके जीवन का वह काल पूर्ण होता है,
प्राण पखेरू निकल के तन से उसके उड़ जाते हैं,
अपने कहने वाले सब ही लोग बिछुड़ जाते हैं
इसी क्रिया को दुनियां के सब लोग मृत्यु कहते हैं
और इसे मानव जीवन के समाप्ति की संज्ञा देते हैं !!!

442 Views
You may also like:
पिता का दर्द
Nitu Sah
कभी-कभी / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
अधुरा सपना
Anamika Singh
पेशकश पर
Dr fauzia Naseem shad
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Shailendra Aseem
मिसाले हुस्न का
Dr fauzia Naseem shad
✍️बुरी हु मैं ✍️
Vaishnavi Gupta
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
हमनें ख़्वाबों को देखना छोड़ा
Dr fauzia Naseem shad
गुमनाम मुहब्बत का आशिक
श्री रमण 'श्रीपद्'
नदी की अभिलाषा / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पितृ स्तुति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
"विहग"
Ajit Kumar "Karn"
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
✍️गलतफहमियां ✍️
Vaishnavi Gupta
दर्द लफ़्ज़ों में लिख के रोये हैं
Dr fauzia Naseem shad
मेरा गांव
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
चुनिंदा अशआर
Dr fauzia Naseem shad
रहे इहाँ जब छोटकी रेल
आकाश महेशपुरी
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम में त्याग
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
नदी सा प्यार
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
The Buddha And His Path
Buddha Prakash
माँ — फ़ातिमा एक अनाथ बच्ची
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बुआ आई
राजेश 'ललित'
तीन किताबें
Buddha Prakash
Loading...