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25 May 2022 · 1 min read

मूक प्रेम

वो मेरी हथेली पर..
अपनी उंगलियों से..
अपना नाम लिखता रहा!
छलकती रहीं
छिपी ऑंखें..
और
मूक प्रेम..
दृढ़ता के साथ..
सॅंवरता रहा!

स्वरचित
रश्मि लहर

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
3 Likes · 2 Comments · 181 Views
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