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10 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-48💐

मुझे नहीं चाहिए रौनक़ कोई,
मेरे हिस्से में तुम हो तुम्हारी याद जो है।

-अभिषेक: पाराशरः’आनन्द’

Language: Hindi
72 Views
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