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Sep 11, 2017 · 1 min read

मुझको बता दे

मेरा दिल परेशां करूँ क्या बता दे।
कहाँ जा के रोऊँ वहाँ का पता दे।।

लिपटकर थी रोई जो इक दिन मैं तुझसे ।
इसी बात पर तू मुझको हंसा दे।।

तुम्हारे करम पर जिए जा रही थी ।
भुला दूँ मैं कैसे यही तू बता दे।।

अजब सी ये खुसबू जो तूने बिखेरी।
घटाओं सी जुल्फों को अब तू हटा दे ।।

आरती लोहनी

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