Sep 1, 2016 · 1 min read

मुक्तक

शर्म आती नहीं उन्हें अब तो !
चाहे कपडे सभी ले जाये जो !!
नग्न उनको सभी ने अब देखा !
वोट ले देश को ही छलते वो !!

** आलोक मित्तल **

116 Views
You may also like:
Life through the window during lockdown
ASHISH KUMAR SINGH 9A
दिलदार आना बाकी है
Jatashankar Prajapati
Waqt
ananya rai parashar
नींबू की चाह
Ram Krishan Rastogi
जब बेटा पिता पे सवाल उठाता हैं
Nitu Sah
क्यों ना नये अनुभवों को अब साथ करें?
Manisha Manjari
बिछड़न [भाग ३]
Anamika Singh
सम्भव कैसे मेल सखी...?
पंकज परिंदा
धुँध
Rekha Drolia
इतना शौक मत रखो इन इश्क़ की गलियों से
Krishan Singh
🥗फीका 💦 त्यौहार💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द
अनजान बन गया है।
Taj Mohammad
सुभाष चंद्र बोस
Anamika Singh
*अनुशासन के पर्याय अध्यापक श्री लाल सिंह जी : शत...
Ravi Prakash
(स्वतंत्रता की रक्षा)
Prabhudayal Raniwal
चूँ-चूँ चूँ-चूँ आयी चिड़िया
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बहते अश्कों से पूंछो।
Taj Mohammad
पिता
Shailendra Aseem
परिवार दिवस
Dr Archana Gupta
मेरे गाँव का अश्वमेध!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
भूले बिसरे गीत
RAFI ARUN GAUTAM
पिता के होते कितने ही रूप।
Taj Mohammad
मेरी राहे तेरी राहों से जुड़ी
Dr. Alpa H.
पिता का कंधा याद आता है।
Taj Mohammad
हिरण
Buddha Prakash
इश्क में बेचैनियाँ बेताबियाँ बहुत हैं।
Taj Mohammad
तेरा पापा... अपने वतन में
Dr. Pratibha Mahi
बदल रहा है देश मेरा
Anamika Singh
छुट्टी वाले दिन...♡
Dr. Alpa H.
Crumbling Wall
Manisha Manjari
Loading...