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Jul 6, 2016 · 1 min read

**** मुक्तक ****

**** मुक्तक ****

माँ की कृपा की छाया बस , सबके ऊपर बनी रहे ;
मधुर प्यार-स्नेह की वर्षा ,सदा सभी पर बनी रहे ;
जो भी कष्ट हो जीवन में,सभी का माँ विनाश करो ;
आनंद,खुशहाली की लौ , सबके घर-पर जगी रहे।,,,,, [१]

शक्ति पुंज बन कर हम भी ,शक्ति का अनुष्ठान करें ;
आदि-शक्ति के चरणों में , शीश झुका सम्मान करे ;
ले उस शक्ति माँ से शक्ति ,करते रहें जग हित सदा ;
उसकी कृपा दृष्टि से तो , हर कोई उत्थान करें । ,,,,,[२]

*****सुरेशपाल वर्मा जसाला

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