Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2016 · 1 min read

मुक्तक.

1
बोझ में मँहगाई के मत देश को उलझाइये
कौन कहता है जमीं पर चाँद लेकर आइये
एक निर्धन किसतरह जीता है मेरे देश में,
वक्त हो गर तो मेहरबां कुछ मुझे समझाइये |

2
देश में सच्चाई की कीमत बता भी दीजिये
या कि कहदें नाम भी सच्चाई का मत लीजिये
चूसते हैं रोज रिश्वतखोर खूँ मजबूर का,
ओ मेहरबां जागिये कुछ तो दवा अब कीजिये |

~ अशोक कुमार रक्ताले.

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 3 Comments · 235 Views
You may also like:
जीवन
Mahendra Narayan
*अदब *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
गोवर्धन पूजन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
पिता का साया हूँ
N.ksahu0007@writer
बहकने दीजिए
surenderpal vaidya
होली
लक्ष्मी सिंह
तमन्नाओं का संसार
DESH RAJ
श्री गणेश जी (भक्ति गीतिका)
Ravi Prakash
यादों की गठरी
Dr. Arti 'Lokesh' Goel
नफरत की राजनीति...
मनोज कर्ण
साजन तेरे गाँव का, पनघट इतना दूर
Dr Archana Gupta
यकीं इत्तिफाक़
Dr fauzia Naseem shad
:::::जर्जर दीया::::
MSW Sunil SainiCENA
✍️13/07 (तेरा साथ)✍️
'अशांत' शेखर
अधूरी सी प्रेम कहानी
Seema 'Tu hai na'
🪔सत् हंसवाहनी वर दे,
Pt. Brajesh Kumar Nayak
अम्मा जी
Rashmi Sanjay
💐दोषानां निवारणस्य कृते प्रार्थना💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शिल्प कुशल रांगेय
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
उजालों के घर
सूर्यकांत द्विवेदी
मेरी बनारस यात्रा
विनोद सिल्ला
इसीलिए मेरे दुश्मन बहुत है
gurudeenverma198
'धरती माँ'
Godambari Negi
बस तू चाहिए
Harshvardhan "आवारा"
हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कभी कभी।
Taj Mohammad
तुम्हारी चाय की प्याली / लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
विशेष दिन (महिला दिवस पर)
Kanchan Khanna
आपकी यादों में
Er.Navaneet R Shandily
Loading...