Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 26, 2017 · 1 min read

मुक्तक

यूँ ही उम्र तन्हा गुजरती रहेगी!
बस तेरा इंतजार करती रहेगी!
चाहत तैरती है अश्कों में लेकिन,
तेरी याद रगों में चलती रहेगी!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

114 Views
You may also like:
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
ठोकरों ने समझाया
Anamika Singh
कूड़े के ढेर में भी
Dr fauzia Naseem shad
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
थोड़ी सी कसक
Dr fauzia Naseem shad
सागर ही क्यों
Shivkumar Bilagrami
जब भी तन्हाईयों में
Dr fauzia Naseem shad
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
कर्म का मर्म
Pooja Singh
✍️सच बता कर तो देखो ✍️
Vaishnavi Gupta
पीकर जी भर मधु-प्याला
श्री रमण 'श्रीपद्'
आइना हूं मैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ख़्वाब आंखों के
Dr fauzia Naseem shad
बिछड़ कर किसने
Dr fauzia Naseem shad
दिल की ये आरजू है
श्री रमण 'श्रीपद्'
"मेरे पिता"
vikkychandel90 विक्की चंदेल (साहिब)
बेजुबान और कसाई
मनोज कर्ण
पिता
Dr. Kishan Karigar
हवा का हुक़्म / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गीत
शेख़ जाफ़र खान
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
विचार
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
बाबूजी! आती याद
श्री रमण 'श्रीपद्'
बोझ
आकांक्षा राय
अनमोल राजू
Anamika Singh
मैं हिन्दी हूँ , मैं हिन्दी हूँ / (हिन्दी दिवस...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मेरी भोली ''माँ''
पाण्डेय चिदानन्द
समय का सदुपयोग
Anamika Singh
इज़हार
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गरम हुई तासीर दही की / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...