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Sep 3, 2017 · 1 min read

मुक्तक

तेरी तस्वीर को सीने से लगा रखा है!
तेरी चाहतों को पलकों में सजा रखा है!
रोकना मुमकिन नहीं है तेरी आरजू को,
तेरी तमन्ना को साँसों में बसा रखा है!

रचनाकार-#मिथिलेश_राय

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