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Jun 16, 2016 · 1 min read

;ज़िन्दगी

ज़िन्दगी की खूबसूरत परिभाषा लिख
हर बात को बढ़ाकर न तू तमाशा लिख
मौज में रहकर बीते जीवन अनमोल
निराशा को त्याग नित नवीन आशा लिख।

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