Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Mar 20, 2019 · 1 min read

मुक्तक

” जलाये दिल में तेरी याद का, लोबान रखते हैं
दर्द में भी अधरों पर मधुर मुस्कान रखते हैं
उसी की बात होती है, उसी को पूजती दुनिया
जो भारी भीड़ में अपनी, अलग पहचान रखते हैं “

143 Views
You may also like:
इश्क ए बंदगी में।
Taj Mohammad
कारण के आगे कारण
सूर्यकांत द्विवेदी
*कॉंवड़ (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
खुदा भेजेगा ज़रूर।
Taj Mohammad
संसर्ग मुझमें
Varun Singh Gautam
सुख की कामना
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
✍️किरदार ✍️
'अशांत' शेखर
सवालों के घेरे में देश का भविष्य
Dr fauzia Naseem shad
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
सुना है।
Taj Mohammad
चलना ही पड़ेगा
Mahendra Narayan
महादेवी वर्मा जी की वेदना
Ram Krishan Rastogi
✍️फ़रिश्ता रहा नहीं✍️
'अशांत' शेखर
करवा चौथ
Manoj Tanan
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
तुलसी
AMRESH KUMAR VERMA
चार
Vikas Sharma'Shivaaya'
मित्रों की दुआओं से...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सच्चाई का मार्ग
AMRESH KUMAR VERMA
नभ के दोनों छोर निलय में –नवगीत
रकमिश सुल्तानपुरी
उसकी मासूमियत
VINOD KUMAR CHAUHAN
फिक्र ना है किसी में।
Taj Mohammad
सुबह आंख लग गई
Ashwani Kumar Jaiswal
मेरी रातों की नींद क्यों चुराते हो
Ram Krishan Rastogi
नदी की पपड़ी उखड़ी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सच ही तो है हर आंसू में एक कहानी है
VINOD KUMAR CHAUHAN
तोड़ डालो ये परम्परा
VINOD KUMAR CHAUHAN
"बारिश संग बदरिया"
Dr Meenu Poonia
एक पैगाम मित्रों के नाम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...