Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Aug 2016 · 1 min read

मीरा ………

मेवाड़ के शुष्क धरातल पर,
बन प्रेम का सागर छा गई मीरा।
रेत के ऊंचे से टीलों के बीच,
एक प्रेम की सरिता बहा गई मीरा।
मनमोहन के रंग ऐसी रंगी,
खुद गिरधर में ही समा गई मीरा।
प्रेम के बीज को प्रेम से सींच के,
प्रेम का वृक्ष लगा गई मीरा।

(2)
सास कहे कुलघातिन है,
संतन संग लाज लुटा गई मीरा।
देवर- ननदी सब तंज कसें,
दोनों कुल दाग लगा गई मीरा।
वो सूरत मन में ऐसी बसी,
मूरत संग ब्याह रचा गई मीरा।
मेवाड़ उसे अपना न सका,
पर सारे जहां पर छा गई मीरा।

(3)
जब राणा ने विष का प्याला दिया,
चरणामृत कह के चढ़ा गई मीरा।
उस सांप पिटारे से मौत को भी,
गोपाल समझ के उठा गई मीरा।
वो रानी जो दर्द दीवानी थी अपने,
दर्द को कैसे पचा गई मीरा।
मेवाड़ को अपने मोहन का,
वृन्दावन धाम बना गई मीरा।

(4)
धोबी के धोए न रंग उडे,
कुछ चादर ऐसी रंगा गई मीरा।
वंशी की तान से ताल मिला,
अनहद नाद सुना गई मीरा।
गुरु ज्ञान का अमृत पान किया,
तो नाम रतन धन पा गई मीरा।
वो प्रेम नदी उमगी उफ़नी,
और कृष्ण पयोधि समा गई मीरा।

आर० सी० शर्मा “आरसी”

Language: Hindi
Tag: गीत
409 Views
You may also like:
इंसान
Annu Gurjar
धर्म बला है...?
मनोज कर्ण
✍️कलम और चमच✍️
'अशांत' शेखर
सेहत रहो अच्छी (मुक्तक)
Ravi Prakash
मगर अब मैं शब्दों को निगलने लगा हूँ
VINOD KUMAR CHAUHAN
पैसा पैसा कैसा पैसा
विजय कुमार अग्रवाल
गुमनाम ही सही....
DEVSHREE PAREEK 'ARPITA'
बचपन की साईकिल
Buddha Prakash
मानव जीवन में तर्पण का महत्व
Santosh Shrivastava
बस तेरे लिए है
bhandari lokesh
चिन्ता और चिता में अन्तर
Ram Krishan Rastogi
शरद पूर्णिमा
अभिनव अदम्य
पत्नी जब चैतन्य,तभी है मृदुल वसंत।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
दोहा
नवल किशोर सिंह
दुर्योधन कब मिट पाया:भाग:38
AJAY AMITABH SUMAN
" शिवोहम रिट्रीट "
Dr Meenu Poonia
लाल में तुम ग़ुलाब लगती हो
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
यूं भी तेरी उलफत का .....
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
दीप संग दीवाली आई
डॉ. शिव लहरी
चलती सांसों को
Dr fauzia Naseem shad
कशमकश का दौर
Saraswati Bajpai
समर
पीयूष धामी
हम ना सोते हैं।
Taj Mohammad
सेमर
विकास वशिष्ठ *विक्की
संविधान दिवस
Shekhar Chandra Mitra
अनमोल राजू
Anamika Singh
कुज्रा-कुजर्नी ( #लोकमैथिली_हाइकु)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
Writing Challenge- माता-पिता (Parents)
Sahityapedia
मुहब्बतनामा
shabina. Naaz
सागर बोला, सुन ज़रा
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...