Sep 19, 2016 · 1 min read

मिले जब भी नजरें उस से प्यार से/मंदीपसाई

मिले जब भी नजरे उस से प्यार से/मंदीप

मिले जब भी नजरें उस से प्यार से,
दिल को सुकून मिले उस के दीदार से।

सब कुछ बया कर देते,
छलके जब भी मोती अश्को से।

नाम बहुत से है इस जहान में,
पर महोबत है उसके नाम से।

है बस अब तो एक ही ख्वाइश,
मेरा नाम जुड़े उसके नाम से।

बन जाता मेरा हर दिन,
जब उठाता उसका अहसास प्यार से।

अगर हो जाये कोई गलती,
माफ़ कर देना तेरे “मंदीप” को प्यार से।

मंदीपसाई

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