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6 Jun 2022 · 1 min read

मित्र

मन का रिस्ता है मित्र
संकट में उपाय है मित्र।
दुःख में धैर्य है मित्र।
आनंद में मुस्कान है मित्र।
अज्ञान में गुरु है मित्र।
प्रश्न में समाधान है मित्र।
दौलत में कीमत है मित्र।
विजयी में परिश्रम है मित्र।

जि. विजय कुमार
हैदराबाद, तेलंगाना

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