Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

मानव-शृंखला

कभी दिल
तो मिला नहीं,
फिर हाथ मिले कैसे ?
मानव-शृंखला में
कई जगह
यूँ ही खड़े थे लोग,
बिल्कुल अपनी सोच में !

2 Likes · 146 Views
You may also like:
सांसे चले अब तुमसे
Rj Anand Prajapati
ढूढ़ा जाऊंगा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
इंतजार
Anamika Singh
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
कड़वा है पर सत्य से भरा है।
Manisha Manjari
चेहरे पर चेहरे लगा लो।
Taj Mohammad
ऐसे थे पापा मेरे !
Kuldeep mishra (KD)
गाऊँ तेरी महिमा का गान (हरिशयन एकादशी विशेष)
श्री रमण 'श्रीपद्'
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
" फेसबुक वायरस "
DrLakshman Jha Parimal
इन्तिजार तुम करना।
Taj Mohammad
के के की याद में ..
ओनिका सेतिया 'अनु '
!! ये पत्थर नहीं दिल है मेरा !!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मैं रात-दिन
Dr fauzia Naseem shad
✍️ये केवल संकलन है,पाठकों के लिये प्रस्तुत
"अशांत" शेखर
पिता !
Kuldeep mishra (KD)
गीत... हो रहे हैं लोग
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
हम बस देखते रहे।
Taj Mohammad
आईना देखना पहले
gurudeenverma198
खुशियाँ ही अपनी हैं
विजय कुमार अग्रवाल
सारे निशां मिटा देते हैं।
Taj Mohammad
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
ऐ जिंदगी कितने दाँव सिखाती हैं
Dr.Alpa Amin
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
समय के संग परिवर्तन
AMRESH KUMAR VERMA
हाइकु__ पिता
Manu Vashistha
सावन आया
HindiPoems ByVivek
लोग कहते हैं कैसा आदमी हूं।
सत्य कुमार प्रेमी
Love song
श्याम सिंह बिष्ट
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...