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May 11, 2022 · 1 min read

मां से बिछड़ने की व्यथा

माँ तेरे बिना कैसे जीना
दुश्वार है जीवन हमारा..!!
क्यों… तु हमसे रूठ गई
दुनिया हमारी वीरान हो गई
जैसे दिल की धड़कन
धड़कना भूल गई…!!
सांसो की रफ्तार कहि खो गई
तू क्यों.. हमसे दूर हो गई
तेरे विरह की व्यथा हैं गहरी
कहे किसे तेरे सिवा कौन हैं समझे..!
माँ क्यों… और…क्यों आखिर कहाँ हैं तू
सिर्फ एकबार तो मिलो….
पूछो हमें कैसे हैं तेरे बिन हम जीते…!!

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