Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Oct 2021 · 1 min read

🙏मॉं कालरात्रि🙏

“मॉं कालरात्रि”
****🙏****

जय जय महामाया, स्याहवर्ण है तेरी काया;
तू माता जगतप्यारी,तेरी शक्ति है चमत्कारी;
सदैव शुभ फल देनेवाली , माता ‘शुभंकारी’
भक्त-जन पूजे तुमको, सदा दिन और रात्रि;
जब भी आती है माता, इस जग में नवरात्रि;
सप्तमरूप में जानी जाती तू, मॉं कालरात्रि;
तू है ‘कपालिनी’ मॉं तू भयानक रूपधारणी;
हे ‘मातारानी’, तेरे अलक भी बिखरे हैं सारे;
गले में तुम, चमकती सी मुंड-माला को धारे;
माता तू ही,’ भैरवी”महाकाली’ भद्रकाली’ है;
जगजननी तू, ब्रह्मांड सा गोल’त्रिनेत्रधारी’है;
हे ‘जगमाता’,’बैशाखनंदन’ ही तेरी सवारी है;
क्रोध में तेरे मुख से, अग्नि-ज्वाला धधकती;
हे जगकल्याणी,सबजन करे सदा तेरी भक्ति;
तू ही ‘चंडी’कहलाती मॉं,तू चार भुजाधारी है;
तुम ही माता,’रूद्राणी’ है, तू ही मॉं’कराली’है;
अभयमुद्रा,वरमुद्रा से,भक्त का उद्धार किया;
अपने दो हाथ में तूने,कांटे और कटार लिया;
हे माता, दैत्य-दानव का तूने ही संहार किया;
शुंभ-निशुंभ को देख , जब तुम्हें क्रोध आया;
श्यामल बन , देवी कौशिकी से उसे मरवाया;
तू माता चामुंडा, तू ही चंड-मुंड विनाशिनी है;
हे मॉं योगमाया, तू ही तो सर्व पापनाशिनी है;
हे जगधारिनी मांकाली,माता सर्वसुरविनाशा;
तेरे भय से; दैत्य, दानव, भूत, प्रेत सब कांपा;
हे ‘मातारानी’, तू ही ‘काली’ तू ही ‘भवानी’ है;
हे मॉं महाबला,तुम ही भोलेशंकर की रानी है;
हर ‘नर-नारी’ पूजन करे, कालरात्रि माता की;
तुम भी बोलो, ‘जय माता दी’ ‘जय माता दी’।
*****************🙏****************

स्वरचित सह मौलिक;
……✍️पंकज ‘कर्ण’
………….कटिहार।।
तिथि: १२/१०२०२१

Language: Hindi
Tag: कविता
5 Likes · 4 Comments · 843 Views
You may also like:
सावन की शुचि तरुणाई का,सुंदर दृश्य दिखा है।
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
ज़िंदगी ख़्वाब तो नहीं होती
Dr fauzia Naseem shad
क्या हाल है आजकल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आँखों की बरसात
Dr. Sunita Singh
**अनहद नाद**
मनोज कर्ण
#तिमिर_और_आलोक #कुंडलिया #काव्यcafe #हिंदीहैंहम #आजकाशब्द #कहते_रवि_कविराय #र
Ravi Prakash
चरित्र
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
यूज एण्ड थ्रो युवा पीढ़ी
Ashwani Kumar Jaiswal
हमारा ऐसा हिंदुस्तान।
Satish Srijan
आज अपने ही घर से बेघर हो रहे है।
Taj Mohammad
तुमसे कहते रहे,भुला दो मुझको
Kaur Surinder
'नील गगन की छाँव'
Godambari Negi
मैं निर्भया हूं
विशाल शुक्ल
रथ रुक गया
सूर्यकांत द्विवेदी
महव ए सफ़र ( Mahv E Safar )
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
दिल यूँ ही नही मिला था
N.ksahu0007@writer
अनवरत का सच
Rashmi Sanjay
“ हमारा निराला स्पेक्ट्रम ”
Dr Meenu Poonia
आंखों की लाली
शिव प्रताप लोधी
धैर्य
लक्ष्मी सिंह
आस्तित्व नही बदलता है!
Anamika Singh
■ नेक सलाह
*Author प्रणय प्रभात*
मेरे दिल की धड़कन से तुम्हारा ख़्याल...../लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
ऐसे ना करें कुर्बानी हम
gurudeenverma198
गर्दिशे दौरा को गुजर जाने दे
shabina. Naaz
चौपाई - धुँआ धुँआ बादल बादल l
अरविन्द व्यास
पिता का आशीष
Prabhudayal Raniwal
✍️ सर झुकाया नहीं✍️
'अशांत' शेखर
मिलखा सिंह दोहा एकादशी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
एकता
Aditya Raj
Loading...