Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

माँ

किसमें सामर्थ्य है
‘माँ’ को परिभाषित/ परिमापित करने का,
सम्पूर्णता, पवित्रता, त्याग, ममत्व और प्रेम
और क्या नहीं निहित है ‘माँ’ में,
फिर कौन है?
जो समेट सके ‘माँ’ को गढ़े शब्दों में,
‘माँ’ का नाम आते ही
ममत्व, देवत्व और असंख्य शब्द संसार,
कैनवास पर उतरने लगते हैं,
तैयार होने लगती है
एक अदभुत प्रेममयी आकृति
जिसने अपने असंख्य प्रेम रंगों को,
बेहिचक निकालकर,
मेरे निर्जन कैनवास में भरा होगा .
‘माँ’ ‘श्री’ भी है और प्रथम गुरु भी,
‘माँ’ के बताए शब्द आज भी वैसे ही याद हैं
लोरियों की गूंज आज भी रूह को सुकून देती है,
और यह ‘माँ’ है,
जो प्रतिपल अदृश्य परिपालक बन,
साथ बनी रहती है.
– डॉ. सूर्यनारायण पाण्डेय
लखनऊ.

12 Likes · 57 Comments · 710 Views
You may also like:
गैरों की क्या बात करें
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मुस्कुराना सीख लो
Dr.sima
योग दिवस पर कुछ दोहे
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मेरे दिल को जख्मी तेरी यादों ने बार बार किया
Krishan Singh
नारी है सम्मान।
Taj Mohammad
"मेरे पापा "
Usha Sharma
दीवार में दरार
VINOD KUMAR CHAUHAN
इश्क़ में जूतियों का भी रहता है डर
आकाश महेशपुरी
परीक्षा को समझो उत्सव समान
ओनिका सेतिया 'अनु '
“श्री चरणों में तेरे नमन, हे पिता स्वीकार हो”
Kumar Akhilesh
हम जलील हो गए।
Taj Mohammad
#15_जून
Ravi Prakash
हो दर्दे दिल तो हाले दिल सुनाया भी नहीं जाता।
सत्य कुमार प्रेमी
💐नाशवान् इच्छा एव पापस्य कारणं अविनाशी न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
घर की इज्ज़त।
Taj Mohammad
जहां चाह वहां राह
ओनिका सेतिया 'अनु '
✍️निज़ाम✍️
"अशांत" शेखर
अश्रुपात्र A glass of years भाग 8
Dr. Meenakshi Sharma
“ तेरी लौ ”
DESH RAJ
भारत बनाम (VS) पाकिस्तान
Dr.sima
"कर्मफल
Vikas Sharma'Shivaaya'
बुंदेली दोहा शब्द- थराई
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
ग़र वो है बेवफ़ा बेवफ़ा ही सही
Mahesh Ojha
मुझसे बचकर वह अब जायेगा कहां
Ram Krishan Rastogi
गुरू गोविंद
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
बुरा तो ना मानोगी।
Taj Mohammad
दिनांक 10 जून 2019 से 19 जून 2019 तक अग्रवाल...
Ravi Prakash
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
बच्चों को खूब लुभाते आम
Ashish Kumar
चौपाई छंद में सौलह मात्राओं का सही गठन
Subhash Singhai
Loading...