Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Nov 24, 2018 · 1 min read

“ माँ गंगा ”

गंगा कल-कल करती जाती अविचल ,
मन है जिसका चंचल, हृदय स्वच्छ निर्मल ,
बह जाते जिसमें सारे के सारे दावानल ,
फिर भी जल है जिसका रहता शुभ मंगल I

फुदक-फुदक कर सन्देश दे प्रतिछण ,
बढ़ते जाओ खुद को बनाओ विलछण ,
जीवन में तभी तुम बनोगे कर्मठ-सबल,
मुझसे दूषित भी मिलकर बन जाते गंगाजल I

“माँ गंगा” का एक सन्देश :

मेरे आँगन में सब है जैसे एक थाल समान ,
खुद को ऐसा संवारो कोई न कर सके सवाल ,
सबको बता दो, जग में तुम हो एक बेमिसाल ,
“इंसानियत” से बढ़कर नहीं कोई धर्म मेरे लाल I

तेरे घर-आँगन में खेलता “राज ” हर पल ,
तुम ही बढ़ाती जाती हमेशा इसका मनोबल,
मन में उमंग, संघर्ष शीलता तुम्हारा तपोबल ,
सदियों तक रहोगी तुम, शुभ-मंगल गंगा जल I

गंगा कल-कल करती जाती अविचल ,
एक रहने की सीख बताती जाती प्रतिपल I

देशराज “राज”कानपुर

4 Likes · 53 Comments · 349 Views
You may also like:
लगदी तू मुझकों कमाल sodiye
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
शिखर छुऊंगा एक दिन
AMRESH KUMAR VERMA
सच्चा रिश्ता
DESH RAJ
हाँ, वह "पिता" है ...........
Mahesh Ojha
मेरी नेकियां।
Taj Mohammad
आ ख़्वाब बन के आजा
Dr fauzia Naseem shad
पिता की पीड़ा पर गीत
सूर्यकांत द्विवेदी
अखबार ए खास
AJAY AMITABH SUMAN
दिल से रिश्ते निभाये जाते हैं
Dr fauzia Naseem shad
The Magical Darkness
Manisha Manjari
#धरती-सावन
आर.एस. 'प्रीतम'
Love never be painful
Buddha Prakash
कायनात के जर्रे जर्रे में।
Taj Mohammad
दिले यार ना मिलते हैं।
Taj Mohammad
तेरी आरज़ू, तेरी वफ़ा
VINOD KUMAR CHAUHAN
भूले बिसरे गीत
RAFI ARUN GAUTAM
सास-बहू
Rashmi Sanjay
🌷🍀प्रेम की राह पर-49🍀🌷
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
#मजबूरिया
Dalveer Singh
दुआ पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
पराई
Seema Tuhaina
मेरी चुनरिया
DESH RAJ
अपना कंधा अपना सर
विजय कुमार अग्रवाल
पंख कटे पांखी
सूर्यकांत द्विवेदी
मैं तुम्हें पढ़ के
Dr fauzia Naseem shad
✍️सलीक़ा✍️
'अशांत' शेखर
पितृ स्तुति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
अजब रिकार्ड
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
हमको समझ ना पाए।
Taj Mohammad
✍️✍️उलझन✍️✍️
'अशांत' शेखर
Loading...