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6 Dec 2022 · 1 min read

💐वास्तविक चिन्ता किम्?💐

मनुष्यं भविष्यस्य कृते अन्नं च धनं च आदयो: चिन्ता करोति।वास्तविकतायां मृत्युपश्चात् चिन्ता कुर्यु:।एतस्मिन् लोके तु स्वस्य निर्वाहस्य कृते ऋणं अपि आनयिष्यति।परं परलोके किं करिष्यन्ति। शुद्ध: स्वभाववान् मनुष्य: अधोयोनिषु कदापि न गन्तुं शक्नोति।

©®अभिषेक: पाराशरः

Language: Sanskrit
58 Views
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