Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 13, 2022 · 1 min read

मज़हबी उन्मादी आग

मज़हबी उन्मादी आग सुलगा दी गई? हम सभी झुलसते गए?
वो दलाल सियासी रोटींया सेकता रहा और सब देखते रहे?
शायर- किशन कारीगर
(©काॅपीराईट)

1 Like · 96 Views
You may also like:
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
शोहरत नही मिली।
Taj Mohammad
"ईद"
Lohit Tamta
चम्पा पुष्प से भ्रमर क्यों दूर रहता है
Subhash Singhai
वैसे तो तुमसे
gurudeenverma198
✍️स्त्रोत✍️
"अशांत" शेखर
Crumbling Wall
Manisha Manjari
उसकी मासूमियत
VINOD KUMAR CHAUHAN
ये दूरियां मिटा दो ना
Nitu Sah
जहां चाह वहां राह
ओनिका सेतिया 'अनु '
✍️वो उड़ते रहता है✍️
"अशांत" शेखर
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
चलो जहाँ की रूसवाईयों से दूर चलें
VINOD KUMAR CHAUHAN
✍️जिंदगी की सुबह✍️
"अशांत" शेखर
बदरवा जल्दी आव ना
सिद्धार्थ गोरखपुरी
अम्मा/मम्मा
Manu Vashistha
सेहरा गीत परंपरा
Ravi Prakash
मौन में गूंजते शब्द
Manisha Manjari
सुर बिना संगीत सूना.!
Prabhudayal Raniwal
ब्रह्म निर्णय
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जो... तुम मुझ संग प्रीत करों...
Dr. Alpa H. Amin
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
ग्रीष्म ऋतु भाग ५
Vishnu Prasad 'panchotiya'
माँ तुम सबसे खूबसूरत हो
Anamika Singh
तेरे होने का अहसास
Dr. Alpa H. Amin
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
इन नजरों के वार से बचना है।
Taj Mohammad
“ गंगा ” का सन्देश
DESH RAJ
मिट्टी की कीमत
निकेश कुमार ठाकुर
Loading...