Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

भूल जाओ किसका आना रह गया

क्या बताऊँ? क्या बताना रह गया
सोचता बस यह, ज़माना रह गया

क्या यही चारागरी है चारागर!
जख़्म जो था, वो पुराना…! रह गया

लोग आए, शाम की, जाते बने
रह गया तो बादाख़ाना रह गया

इश्क़ में है जी जला फिर जिस्म भी
तू बता अब क्या जलाना रह गया

है कहाँ अब थी जो लज़्ज़त प्यार की
याद करने को फ़साना रह गया

आप ग़ाफ़िल जी लिखे जाओ अश्आर
भूल जाओ किसका आना रह गया

-‘ग़ाफ़िल’

2 Comments · 225 Views
You may also like:
हम भूल तो नहीं सकते
Dr fauzia Naseem shad
बुलबुला
मनोज शर्मा
बदल कर टोपियां अपनी, कहीं भी पहुंच जाते हैं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
आजादी
AMRESH KUMAR VERMA
कितनी सुंदरता पहाड़ो में हैं भरी.....
Dr. Alpa H. Amin
कमियाँ
Anamika Singh
इंतजार मत करना
Rakesh Pathak Kathara
जिंदगी को खामोशी से गुज़ारा है।
Taj Mohammad
✍️आदत और हुनर✍️
"अशांत" शेखर
सृजनकरिता
DR ARUN KUMAR SHASTRI
थोड़ी मेहनत और कर लो
Nitu Sah
समय और मेहनत
Anamika Singh
धर्म
Vijaykumar Gundal
✍️मातम और सोग है...!✍️
"अशांत" शेखर
सरकारी नौकरी वाली स्नेहलता
Dr Meenu Poonia
बंकिम चन्द्र प्रणाम
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
"साहित्यकार भी गुमनाम होता है"
Ajit Kumar "Karn"
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
*शंकर तुम्हें प्रणाम है (भक्ति-गीत)*
Ravi Prakash
फारसी के विद्वान श्री नावेद कैसर साहब से मुलाकात
Ravi Prakash
और जीना चाहता हूं मैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
एक मुर्गी की दर्द भरी दास्तां
ओनिका सेतिया 'अनु '
"पिता"
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
अग्रवाल धर्मशाला में संगीतमय श्री रामकथा
Ravi Prakash
दर्द की कश्ती
DESH RAJ
*देखने लायक नैनीताल (गीत)*
Ravi Prakash
बुंदेली दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
💐💐प्रेम की राह पर-20💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
गांधी : एक सोच
Mahesh Ojha
मरने के बाद।
Taj Mohammad
Loading...