Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

भाग्य भी जगमगा नहीं सकता

********
हाले दिल मैं बता नहीं सकता
जख़्म भी मैं दिखा नहीं सकता

चोट किसने दिया मुझे यारों
नाम उसका बता नहीं सकता

है ग़ुज़ारी ये उम्र गफ़लत में
और धोखा मैं खा नहीं सकता

गर्दिशों में रहे सितारा तो
भाग्य भी जगमगा नहीं सकता

राज़ जो दिल के दरमियां अपने
उससे पर्दा हटा नहीं सकता

अम्न की जो शमअ जलाई है
उसको हरग़िज़ बुझा नहीं सकता

बन गये ग़ैर वक्ते-मुफ़लिस में
अपनों को मैं भुला नहीं सकता

माँ के क़दमों को छोड़ कर “प्रीतम”
जा-ब- जा सिर झुका नहीं सकता

प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
१९/०९/२@१७
??????????

193 Views
You may also like:
तू तो नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रूखा रे ! यह झाड़ / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
मेरे पिता
Ram Krishan Rastogi
तू कहता क्यों नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
संत की महिमा
Buddha Prakash
मर्यादा का चीर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता का पता
श्री रमण 'श्रीपद्'
चोट गहरी थी मेरे ज़ख़्मों की
Dr fauzia Naseem shad
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
जैसे सांसों में ज़िंदगी ही नहीं
Dr fauzia Naseem shad
✍️वो इंसा ही क्या ✍️
Vaishnavi Gupta
बुआ आई
राजेश 'ललित'
श्रीराम गाथा
मनोज कर्ण
मजदूरों का जीवन।
Anamika Singh
✍️प्यारी बिटिया ✍️
Vaishnavi Gupta
थोड़ी सी कसक
Dr fauzia Naseem shad
बंदर भैया
Buddha Prakash
✍️ईश्वर का साथ ✍️
Vaishnavi Gupta
'याद पापा आ गये मन ढाॅंपते से'
Rashmi Sanjay
इंतजार
Anamika Singh
खुद से बच कर
Dr fauzia Naseem shad
गज़ल
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
गुमनाम मुहब्बत का आशिक
श्री रमण 'श्रीपद्'
जो आया है इस जग में वह जाएगा।
Anamika Singh
चिराग जलाए नहीं
शेख़ जाफ़र खान
रूठ गई हैं बरखा रानी
Dr Archana Gupta
दीवार में दरार
VINOD KUMAR CHAUHAN
मन की पीड़ा
Dr fauzia Naseem shad
मत रो ऐ दिल
Anamika Singh
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
Loading...