Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Apr 2024 · 1 min read

*** भाग्यविधाता ***

*** भाग्यविधाता ***
————————————————-
जी हां,जी हां,करते रहिए,जो भी आये द्वार
दान”मत” का दिजिए,करिए इतना उपकार
लोकतंत्र के पर्व का,पावर देखिए श्रीमान
एक वोट से आपके,बन जायेगी सरकार
बन जायेगी सरकार,कि जय जय हो मतदाता
एक दिन के लिए, बने तुम भाग्यविधाता —
————————————————–
••••• कलमकार •••••
चुन्नू लाल गुप्ता – मऊ( उ.प्र.)

68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ये हक़ीक़त
ये हक़ीक़त
Dr fauzia Naseem shad
(17) यह शब्दों का अनन्त, असीम महासागर !
(17) यह शब्दों का अनन्त, असीम महासागर !
Kishore Nigam
इल्म हुआ जब इश्क का,
इल्म हुआ जब इश्क का,
sushil sarna
రామయ్య మా రామయ్య
రామయ్య మా రామయ్య
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
अंतहीन
अंतहीन
Dr. Rajeev Jain
...,,,,
...,,,,
शेखर सिंह
झोली मेरी प्रेम की
झोली मेरी प्रेम की
Sandeep Pande
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
अच्छा स्वस्थ स्वच्छ विचार ही आपको आत्मनिर्भर बनाते है।
Rj Anand Prajapati
बाल गीत
बाल गीत "लंबू चाचा आये हैं"
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
23/137.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/137.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"वे खेलते हैं आग से"
Dr. Kishan tandon kranti
खूब ठहाके लगा के बन्दे !
खूब ठहाके लगा के बन्दे !
Akash Yadav
जान हो तुम ...
जान हो तुम ...
SURYA PRAKASH SHARMA
#लघुकथा
#लघुकथा
*प्रणय प्रभात*
India is my national
India is my national
Rajan Sharma
सौ रोग भले देह के, हों लाख कष्टपूर्ण
सौ रोग भले देह के, हों लाख कष्टपूर्ण
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हिन्दी की दशा
हिन्दी की दशा
श्याम लाल धानिया
तमन्ना है बस तुझको देखूॅं
तमन्ना है बस तुझको देखूॅं
Monika Arora
निगाहों में छुपा लेंगे तू चेहरा तो दिखा जाना ।
निगाहों में छुपा लेंगे तू चेहरा तो दिखा जाना ।
Phool gufran
"गंगा माँ बड़ी पावनी"
Ekta chitrangini
ये साल भी इतना FAST गुजरा की
ये साल भी इतना FAST गुजरा की
Ranjeet kumar patre
आजकल के बच्चे घर के अंदर इमोशनली बहुत अकेले होते हैं। माता-प
आजकल के बच्चे घर के अंदर इमोशनली बहुत अकेले होते हैं। माता-प
पूर्वार्थ
गवाही देंगे
गवाही देंगे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
आज के दिन छोटी सी पिंकू, मेरे घर में आई
आज के दिन छोटी सी पिंकू, मेरे घर में आई
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
समझदार बेवकूफ़
समझदार बेवकूफ़
Shyam Sundar Subramanian
अगर प्यार तुम हमसे करोगे
अगर प्यार तुम हमसे करोगे
gurudeenverma198
वृक्ष लगाओ,
वृक्ष लगाओ,
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
*आओ पूजें वृक्ष-वट, करता पर-उपकार (कुंडलिया)*
*आओ पूजें वृक्ष-वट, करता पर-उपकार (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दिल को दिल से खुशी होती है
दिल को दिल से खुशी होती है
shabina. Naaz
महीना ख़त्म यानी अब मुझे तनख़्वाह मिलनी है
महीना ख़त्म यानी अब मुझे तनख़्वाह मिलनी है
Johnny Ahmed 'क़ैस'
Loading...