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Oct 4, 2016 · 1 min read

भरें श्याम कैसे बताओ ये गागर

भरें श्याम कैसे बताओ ये गागर
सताते हो तुम रोज यमुना पे आकर

कभी जब छुपाते वसन तुम हमारे
खड़े हाथ जोड़े रहें हम तुम्हारे
शिकायत करें यदि यशोदा से जाकर
हँसो दोष उल्टा हमीं पे लगाकर
भरें श्याम कैसे बताओ ये गागर

दही और माखन हमारे चुराते
भरी मटकियां रोज ही फोड़ जाते
शरारत बतायें कहाँ तक तुम्हारी
खिजाते हमें काम इतना बढ़ाकर
भरें श्याम कैसे बताओ ये गागर

तुम्हारी अदा हर हमें है लुभाती
न देखें तुम्हें तो नज़र डबडबाती
भुला रोज देते हो सुध बुध हमारी
मधुर बाँसुरी साँवरे तुम सुनाकर
भरें श्याम कैसे बताओ ये गागर
डॉ अर्चना गुप्ता

1 Like · 1 Comment · 417 Views
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