Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 Jul 2022 · 1 min read

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा

हे जगदीश्वर जगन्नाथ, हे जगत नियंता त्रिपुरारी
जीवन नैया डोल रही है, हे करुणाकर करना रखवारी
माया मोह देह लिप्त, जीव भटकता अविनाशी
हे सत चित आनंद स्वरूप, जीवन की हरो उदासी
त्रय तापों से मुक्त करो, ज्ञान की औषध दो बनवारी
स्वस्थ करो तन मन प्रभु , जीवन यात्रा सुखद हमारी
पंच भूत का रथ शरीर है, आत्मा रथी है मेरी
मायाअश्वों सेजीवन संचालित,ज्ञानसेकरोमुक्तिप्रभु मेरी
मैं हूं माटी की देह , माया से आवध्द सदा
मैं हूंअविवेकी जीव, आवरण भेद से ढका सदा
संसार सागर में नैया, मेरी हिचकोले खाती है
हर कष्ट और मुसीबत में, याद तुम्हारी आती है
हे जगन्नाथ सबके स्वामी, सत चित आनंद बना जाओ
नश्वर संसार पर कृपा करो, जीवन मार्ग बता जाओ
पंचभूत के रथ और रथी को, संसार से मुक्ति दे जाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी

Language: Hindi
Tag: कविता
4 Likes · 4 Comments · 212 Views
You may also like:
बेटी से मुस्कान है...
जगदीश लववंशी
अहमियत
Dushyant Kumar
दामोदर लीला
Pooja Singh
नवजात बहू (लघुकथा)
दुष्यन्त 'बाबा'
पहचान...
मनोज कर्ण
इश्क भी कलमा।
Taj Mohammad
✍️आओ आईना बनकर देखे✍️
'अशांत' शेखर
चामर छंद "मुरलीधर छवि"
बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
★भोगेषु प्रियतायां सति एतस्य कारणं रस:★
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बच्चों जग में नाम कमाना (बाल कविता)
Ravi Prakash
जाति दलदल या कुछ ओर
विनोद सिल्ला
अब तेरा इंतज़ार न रहा
Anamika Singh
कहां है
विशाल शुक्ल
ग़ज़ल
प्रीतम श्रावस्तवी
पड़ जाओ तुम इश्क में
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
दस्तूर
Rashmi Sanjay
राष्ट्रभाषा का सवाल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
भीगे अरमाँ भीगी पलकें
VINOD KUMAR CHAUHAN
क्यों इतना मुश्किल है
Kaur Surinder
मेरा , सच
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
ग़ज़ल
Jitendra Kumar Noor
लाइलाज़
Seema 'Tu hai na'
Writing Challenge- कला (Art)
Sahityapedia
कविता: एक राखी मुझे भेज दो, रक्षाबंधन आने वाला है।
Rajesh Kumar Arjun
शिक्षित बने ।
Buddha Prakash
जवाब बन जाता
Dr fauzia Naseem shad
करें नहीं ऐसे लालच हम
gurudeenverma198
//... कैसे हो भैया ...//
Chinta netam " मन "
प्रारूप पोस्ट
ख़याल
गलतफहमी
विजय कुमार अग्रवाल
Loading...