Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

बोल रहा है वो

कुछ मीठा सा एहसास लिए, शरबत सा घोल रहा है वो।
खोयी हुई खुशियों को अपने ,रिश्तों में टटोल रहा है वो।
कहाँ भटक के चले गए हो जरा अपना पता बतला भी दो,
उसे कोई तुम तक पहुंचा दे, सबसे बोल रहा है वो।
-सिद्धार्थ पाण्डेय

1 Like · 197 Views
You may also like:
सियासत की बातें
Dr. Sunita Singh
गिरते-गिरते - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
प्राकृतिक उपचार
Vikas Sharma'Shivaaya'
गरीबी तमाशा बना
Dr fauzia Naseem shad
सिर्फ तेरी वजह से
gurudeenverma198
भगत सिंह का प्यार था देश
Anamika Singh
✍️जन्नतो की तालिब है..!✍️
'अशांत' शेखर
में और मेरी बुढ़िया
Ram Krishan Rastogi
ਆਹਟ
विनोद सिल्ला
परमात्मनः प्राप्तया: स्थानं हृदयम्
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
$ग़ज़ल
आर.एस. 'प्रीतम'
पानी की कहानी, मेरी जुबानी
Anamika Singh
उम्मीद
Harshvardhan "आवारा"
धरा करे मनुहार…
Rekha Drolia
हाइकु: आहार।
Prabhudayal Raniwal
💐💐 सूत्रधार 💐💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वैवाहिक वर्षगांठ मुक्तक
अभिनव मिश्र अदम्य
देश की पहचान हमसे
Dr fauzia Naseem shad
क्या नाम दे ?
Taj Mohammad
आईना हूं सब सच ही बताऊंगा।
Taj Mohammad
कृष्णा... अरे ओ कृष्णा...
Seema 'Tu haina'
खड़ा बाँस का झुरमुट एक
Vishnu Prasad 'panchotiya'
हिन्दी थिएटर के प्रमुख हस्ताक्षर श्री पंकज एस. दयाल जी...
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
*दो बूढ़े माँ बाप (नौ दोहे)*
Ravi Prakash
गुरु-पूर्णिमा पर...!!
Kanchan Khanna
पत्ते
Saraswati Bajpai
छोटा-सा परिवार
श्री रमण 'श्रीपद्'
रामपुर का इतिहास (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
दिल का मोल
Vikas Sharma'Shivaaya'
मैं अश्क हूं।
Taj Mohammad
Loading...