Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

बेटी

#बेटी#

माँ मै हू एक नन्ही किरण तेरे कोख की..
मै ही तो हू तेरा वजूद..

तूझमे ही तो मै हू समाई,तू ही तो है मेरी परछाई..

फिर कैसे सोच लिया एक बोझ बन आई है…
क्या शरीर से परछाई कभी अलग रह पाई है….

माँ तेरी कहानीयो मे सूना है,नारी शक्ती का रूप कहलाती है..।
तो क्यो तू अपना ये रूप खूद से छुपाती है..

क्यो छुपाती हो अपने अनकहे शब्दो को..
जो रातो की शिशकीयो मे महसूस किया है मैने..।

महसूस किया है मैने तेरे हृदय की उस पीडा,उस चिन्ता को…
जो घर,समाज ने तेरे दिल,दिमाग पर डाल रखा है..

तेरे आँखो के नीचे पडी काली धारीयाँ साफ दिखाई देते है मुझे..
बेटी पैदा होने के ताने कोख तक सुनाई देते है मुझे….

जानती हू की तू मुझे कभी मारना नही चाहोगी माँ.।
पर बेटे की चाह भी कब तक पूरी करती जाओगी माँ….

उठ जाग की अब तूझे ही नया सबेरा लाना होगा…
बेटी किसी से कम नही,सबको ये समझाना होगा…

आज की बेटी ही कल की बहू कहलाती है..
अपने कुल को छोड कर दूसरे का कुल अपनाती है…

तो फिर वंश का ठेकेदार बेटा कैसे कहलाता..
नही देता जो कोई बेटी,उसका वंश कैसे चल पाता….

उठो जागो की अभी नही देर हूई…
कल को ऐसा न हो की हमारी प्रजाती भी विलुप्त हुई..

अमृता तिवारी मिश्रा….

249 Views
You may also like:
पिता की अभिलाषा
मनोज कर्ण
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
विश्व फादर्स डे पर शुभकामनाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
झूला सजा दो
Buddha Prakash
पिता की नसीहत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
किसी का होके रह जाना
Dr fauzia Naseem shad
पितृ स्तुति
दुष्यन्त 'बाबा'
बाबूजी! आती याद
श्री रमण 'श्रीपद्'
गीत- जान तिरंगा है
आकाश महेशपुरी
बहुत प्यार करता हूं तुमको
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बहुमत
मनोज कर्ण
हैं पिता, जिनकी धरा पर, पुत्र वह, धनवान जग में।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
क्यों हो गए हम बड़े
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पितृ वंदना
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
इश्क करते रहिए
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
अब और नहीं सोचो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जिम्मेदारी और पिता
Dr. Kishan Karigar
Kavita Nahi hun mai
Shyam Pandey
माँ तुम अनोखी हो
Anamika Singh
काश बचपन लौट आता
Anamika Singh
तप रहे हैं दिन घनेरे / (तपन का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
इज़हार-ए-इश्क 2
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बरसात आई झूम के...
Buddha Prakash
हायकु मुक्तक-पिता
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
ऐसे थे पापा मेरे !
Kuldeep mishra (KD)
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
Loading...