Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

बेटी घर संसार

** बेटी घर संसार **
*****घनाक्षरी*****

घर मे है चहकती।
फूलों सी हैं महकती।।
आंगन हो सूना सूना।
बेटी घर संसार।।

नन्ही नन्ही चिड़िया हैं।
खुशियों की पुड़िया है।।
घर होता अधूरा सा।
सुता ही परिवार।।

सभी का मन मोहती।
माँ का है दुख खोलती।।
लक्ष्मी रूप है मानते।
पुत्री से ही त्योहार है।।

बेटा जब हो नकारा।
कन्या बनती सहारा।।
मनसीरत है सहती।
निलय का आधार।।
*****************
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

197 Views
You may also like:
लोग कहते हैं कैसा आदमी हूं।
सत्य कुमार प्रेमी
मैं हैरान हूं।
Taj Mohammad
धार छंद "आज की दशा"
बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
चेहरे पर कई चेहरे ...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कभी ज़मीन कभी आसमान.....
अश्क चिरैयाकोटी
*सभी को चाँद है प्यारा ( मुक्तक)*
Ravi Prakash
उम्मीद
Dr fauzia Naseem shad
राखी त्यौहार बंधन का - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
हर रास्ते की अपनी इक मंजिल होती है।
Taj Mohammad
समाजसेवा
Kanchan Khanna
खुदा भेजेगा ज़रूर।
Taj Mohammad
✍️मोहब्बत की राह✍️
'अशांत' शेखर
परिस्थिति
AMRESH KUMAR VERMA
मैं बेटी हूँ।
Anamika Singh
यह यादें
Anamika Singh
हर अश्क कह रहा है।
Taj Mohammad
पितृ-दिवस / (समसामायिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सच्चाई का मार्ग
AMRESH KUMAR VERMA
ऐसे ना करें कुर्बानी हम
gurudeenverma198
अपनी नींदें
Dr fauzia Naseem shad
योगा
Utsav Kumar Aarya
✍️किसान के बैल की संवेदना✍️
'अशांत' शेखर
जल है जीवन में आधार
Mahender Singh Hans
अपना अंजाम फिर आप
Dr fauzia Naseem shad
प्रदीप : श्री दिवाकर राही का हिंदी साप्ताहिक
Ravi Prakash
अहसान मानता हूं।
Taj Mohammad
*सत्संग-प्रिय श्री नवनीत कुमार जी*
Ravi Prakash
मय्यत पर मेरी।
Taj Mohammad
अब आ भी जाओ पापाजी
संदीप सागर (चिराग)
✍️जिद्द..!✍️
'अशांत' शेखर
Loading...