Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 May 2022 · 1 min read

बूँद-बूँद को तरसा गाँव

बूँद-बूँद को
तरसा गाँव ।

बोर खुदे
पाइपलाइन है,
घरों-घरों में
टोंटी नल है ।
कुएँ बहुत हैं
ताल खुदे हैं,
कहीं न लेकिन
किंचित जल है ।

सूखे पत्ते
रूठी छाँव ।

गैयें प्यासीं,
बकरीं प्यासीं,
गौरैया में
छाई उदासी ।
तितर-बितर हैं
जीव-जन्तु भी,
प्यासा उल्लू
भरे उँघासी ।

कौओं की भी
सूखी काँव ।

उधर प्यास है,
इधर प्यास है,
प्यास खोजती
किधर प्यास है ।
खोज-खोज कर
लाते पानी
कुछ लोगों
का ही प्रयास है ।

उल्टे पड़ते
सारे दाँव ।

बूँद-बूँद को
तरसा गाँव ।
— ईश्वर दयाल गोस्वामी

Language: Hindi
Tag: गीत
11 Likes · 12 Comments · 376 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
Books from ईश्वर दयाल गोस्वामी
View all
You may also like:
Education
Education
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
शिद्तों में जो बे'शुमार रहा
शिद्तों में जो बे'शुमार रहा
Dr fauzia Naseem shad
नहीं है पूर्ण आजादी
नहीं है पूर्ण आजादी
लक्ष्मी सिंह
मोहब्बत का मेरी, उसने यूं भरोसा कर लिया।
मोहब्बत का मेरी, उसने यूं भरोसा कर लिया।
इ. प्रेम नवोदयन
मेरा नाम
मेरा नाम
Yash mehra
नफरतों का इश्क।
नफरतों का इश्क।
Taj Mohammad
वक़्त का आईना
वक़्त का आईना
Shekhar Chandra Mitra
"गरीब की बचत"
Dr. Kishan tandon kranti
पधारो नाथ मम आलय, सु-स्वागत सङ्ग अभिनन्दन।।
पधारो नाथ मम आलय, सु-स्वागत सङ्ग अभिनन्दन।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
हरे कृष्णा !
हरे कृष्णा !
MUSKAAN YADAV
अपने दिल की कोई जरा,
अपने दिल की कोई जरा,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
पुण्य स्मरण: 18 जून2008 को मुरादाबाद में आयोजित पारिवारिक सम
पुण्य स्मरण: 18 जून2008 को मुरादाबाद में आयोजित पारिवारिक सम
Ravi Prakash
✍️ज़िंदगी का उसूल ✍️
✍️ज़िंदगी का उसूल ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
■ कहानी घर घर की....
■ कहानी घर घर की....
*Author प्रणय प्रभात*
रिश्तो मे गलतफ़हमी
रिश्तो मे गलतफ़हमी
Anamika Singh
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
Neelam Sharma
💐प्रेम कौतुक-537💐
💐प्रेम कौतुक-537💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दो पँक्ति दिल की कलम से
दो पँक्ति दिल की कलम से
N.ksahu0007@writer
यह तो होता है दौर जिंदगी का
यह तो होता है दौर जिंदगी का
gurudeenverma198
अति आत्मविश्वास
अति आत्मविश्वास
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
🤔कौन हो तुम.....🤔
🤔कौन हो तुम.....🤔
सुरेश अजगल्ले"इंद्र"
पावन सावन मास में
पावन सावन मास में
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
रात्रि पहर की छुटपुट चोरी होते सुखद सबेरे थे।
रात्रि पहर की छुटपुट चोरी होते सुखद सबेरे थे।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
प्रेमचंद ने ’जीवन में घृणा का महत्व’ लिखकर बताया कि क्यों हम
Dr MusafiR BaithA
दो💔 लफ्जों की💞 स्टोरी
दो💔 लफ्जों की💞 स्टोरी
Ms.Ankit Halke jha
" शिवोहम रिट्रीट "
Dr Meenu Poonia
एक ही धरोहर के रूप - संविधान
एक ही धरोहर के रूप - संविधान
Desert fellow Rakesh
गम
गम
जय लगन कुमार हैप्पी
तुम्हारी चाय की प्याली / लवकुश यादव
तुम्हारी चाय की प्याली / लवकुश यादव "अज़ल"
लवकुश यादव "अज़ल"
Loading...