Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Mar 23, 2021 · 1 min read

बुध्द गीत

चलो-चलें उस पार चले अब
बुद्ध जी के पास चले अब….।

जीवन में हमको अब पाना ,
मध्यम मार्ग है अपनाना,
महिमा जिसकी अपरम्-पार,
देता शिक्षा कर्म प्रधान।।१।

चलो-चलें उस पार चलें अब
बुद्ध जी के पास चले अब…।

करुणा निधि करुणा करके अब,
शांति देंगे जीवन में अब,
सच और झूठ अब हमने जाना,
बुद्ध मार्ग है अब अपनाना ।।२।

6 Likes · 12 Comments · 983 Views
You may also like:
वो बरगद का पेड़
Shiwanshu Upadhyay
मैं सोता रहा......
Avinash Tripathi
Your laugh,Your cry.
Taj Mohammad
नूतन सद्आचार मिल गया
Pt. Brajesh Kumar Nayak
फादर्स डे पर विशेष पिरामिड कविता
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
【20】 ** भाई - भाई का प्यार खो गया **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
✍️✍️गुमराह✍️✍️
"अशांत" शेखर
उम्मीद की रोशनी में।
Taj Mohammad
पितृ स्तुति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️'महा'राजनीति✍️
"अशांत" शेखर
हैप्पी फादर्स डे (लघुकथा)
drpranavds
"अंतिम-सत्य..!"
Prabhudayal Raniwal
तप रहे हैं प्राण भी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*योग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दहेज़
आकाश महेशपुरी
तुम चाहो तो सारा जहाँ मांग लो.....
डॉ. अनिल 'अज्ञात'
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
"एक नई सुबह आयेगी"
पंकज कुमार "कर्ण"
" मैं हूँ ममता "
मनोज कर्ण
मंजिल
AMRESH KUMAR VERMA
दया के तुम हो सागर पापा।
Taj Mohammad
तप रहे हैं दिन घनेरे / (तपन का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पैसों का खेल
AMRESH KUMAR VERMA
चश्मे-तर जिन्दगी
Dr. Sunita Singh
नवजीवन
AMRESH KUMAR VERMA
तुझसे रूठ कर
Sadanand Kumar
पर्यावरण दिवस
Ram Krishan Rastogi
पवनपुत्र, हे ! अंजनि नंदन ....
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सफर
Anamika Singh
दो पल मोहब्बत
श्री रमण
Loading...