Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jul 2016 · 1 min read

बुढापे का दुख

*दो दोहे*
श्रमिक बना सुत ने किया, कितना आज तटस्थ।
हाय बुढापे में हुआ, सतनय पिता दुखस्थ।
*****
बुरा रोग है दीनता, यमघट तक है संग।
क्या युवक क्या वृध्दजन, कर दे ढीले अंग।
अंकित शर्मा’ इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

Language: Hindi
Tag: दोहा
1 Like · 310 Views
You may also like:
✍️आग तो आग है✍️
'अशांत' शेखर
-पहले आत्मसम्मान फिर सबका सम्मान
Seema gupta ( bloger) Gupta
'बदला जग मौसम भी बदला'
Godambari Negi
वो चुप सी दीवारें
Kavita Chouhan
शुभ करवा चौथ
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️One liner quotes✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
बेनाम रिश्ता
सोनम राय
आप इतना
Dr fauzia Naseem shad
💐💐मृत्यु: प्रतिक्षणं समया आगच्छति💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
अमर शहीद भगत सिंह का जन्मदिन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ईर्ष्या
Saraswati Bajpai
* तेरी चाहत बन जाऊंगा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तुम्हें जन्मदिन मुबारक हो
gurudeenverma198
■ कटाक्ष / इंटरनल डेमोक्रेसी
*Author प्रणय प्रभात*
हलाहल दे दो इंतकाल के
Varun Singh Gautam
कब मेरी सुधी लोगे रघुराई
Anamika Singh
जीवन अस्तित्व
Shyam Sundar Subramanian
समर
पीयूष धामी
बसंत
Shekhar Chandra Mitra
अंकित है जो सत्य शिला पर
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
हिंदी व डोगरी की चहेती लेखिका पद्मा सचदेव का निधन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आज अब्र भी कबसे बरस रहा है।
Taj Mohammad
#मजबूरिया
Dalveer Singh
*जग जीत पाते हैं (मुक्तक)*
Ravi Prakash
हमारा सब्र तो देखो
Kaur Surinder
सलाम
Shriyansh Gupta
सौ बात की एक
Dr.sima
दो पँक्ति दिल से
N.ksahu0007@writer
जिंदगी का एकाकीपन
मनोज कर्ण
Loading...