Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jun 2022 · 1 min read

बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं

बुढ़ापे में अभी भी जवानी के मजे लेता हूं।
रसीले आम को अभी भी मै चूस लेता हूं।।

बुढ़ापे में भले ही मेरे सारे दांत टूट गए है।
फिर भी नरम मसूड़ों से बादाम तोड़ लेता हूं

बुढ़ापे में भले ही आंखो से दिखाई नही देता।
फिर भी मै सुवर्ण सुंदरियों को निहार लेता हूं।।

बुढ़ापा उसे आता है जो कभी खुश नहीं रहता।
मैं तो हर गम में अपनी खुशी को ढूंढ लेता हूं।।

रिटायर अवश्य हुआ हूं,पर अभी टायर नही हूं।
अभी भी कागज पर अपनी कलम घिस लेता हूं।।

आर के रस्तोगी गुरुग्राम

Language: Hindi
Tag: कविता
8 Likes · 12 Comments · 420 Views
You may also like:
हृदय परिवर्तन जो 'बुद्ध' ने किया ..।
Buddha Prakash
Writing Challenge- समय (Time)
Sahityapedia
फौजी
Seema 'Tu hai na'
अपनापन
विजय कुमार अग्रवाल
यथा प्रदीप्तं ज्वलनं.…..
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
✍️मेरा मकान भी मुरस्सा होता✍️
'अशांत' शेखर
अस्फुट सजलता
Rashmi Sanjay
धार्मिक उन्माद
Rakesh Pathak Kathara
तमाल छंद में सभी विधाएं सउदाहरण
Subhash Singhai
जल से सीखें
Saraswati Bajpai
तुझे अपने दिल में बसाना चाहती हूं
Ram Krishan Rastogi
माँ कूष्माण्डा
Vandana Namdev
भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा बदे सरकार से अपील
आकाश महेशपुरी
दीये की बाती
सूर्यकांत द्विवेदी
मां की ममता
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पिता
Abhishek Pandey Abhi
आईना हाथ में अगर रखते
Dr fauzia Naseem shad
मारुति वंदन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
वो ही शहर
shabina. Naaz
" मेरा वतन "
Dr Meenu Poonia
कमर तोड़ता करधन
शेख़ जाफ़र खान
दीप सब सद्भाव का मिलकर जलाएं
Dr Archana Gupta
मां शारदे
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
मोहब्बत की दर्द- ए- दास्ताँ
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
आ तुझको बसा लूं आंखों में।
Taj Mohammad
गोपालक श्रीकृष्ण: कुंडलिया
Ravi Prakash
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
अमर शहीद चंद्रशेखर "आज़ाद" (कुण्डलिया)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️न जाने वो कौन से गुनाहों की सज़ा दे रहा...
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
जिम्मेदारी किसकी?
Shekhar Chandra Mitra
Loading...