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21 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-494💐

बुज़दिल हो सभी वादे हमीं से चाहते हो,
एतिबार पर बे-एतिबार का दाग़ लगाते हो,
तुम तो क्या तुम्हारी रूह भी गिरफ़्त में है,
अब बचना नहीं होगा,क्यों नजरें चुराते हो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
35 Views
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