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Sep 18, 2017 · 1 min read

बीते हुए पलों को याद कर मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है

बीते हुए पलों को याद कर
मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है
दुःख में तेरा साथ आ जाना
ही तो ज़िन्दगी है
देख कर पलके झुकाना चुपके से
मुस्कुराना ही तो ज़िन्दगी है
हर बदलते मौसम में तेरा एहसास
का हो जाना ही तो ज़िन्दगी है
चुपके से देखना और अनदेखा
कर जाना ही तो ज़िन्दगी है
तेरा तस्सवुर सीने से लगाकर सो जाना
ही तो ज़िन्दगी है
बंद आँखों में तेरा ख़्वाबों में
आ जाना ही तो ज़िन्दगी है
शर्मा कर आँखे चुराना
ही तो ज़िन्दगी है
तेरी यादों में दिन का बीत
जाना ही तो ज़िन्दगी है
मुरझाई हुई कलि का तुझे देख
कर खिल जाना ही तो ज़िन्दगी है
चाँद की छांव में जुगनुओं से तेरी बात
करना ही तो ज़िन्दगी है
बहती फ़िज़ाओं में तेरी महकती अदाओं
का एहसास ही तो ज़िन्दगी है
सब कुछ भूल कर भी बस तेरी ही याद
तेरी यादों का साथ ही तो ज़िन्दगी है
धूप भरे दिन में तेरी ज़ुल्फ़ों की छांव का
एहसास ही तो ज़िन्दगी है
तू दे मेरा साथ और नही चाहिए कुछ ख़ास
तेरा साथ ही तो मेरी ख़ुशी है
तू ही तो मेरी ज़िंदगी जीने की एक वजह है

भूपेंद्र रावत
18।09।2017

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