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14 Mar 2023 · 1 min read

“बीज”

“बीज”
जगत में सृजन का मूल हूँ मैं
कभी शूक्ष्म
कभी स्थूल हूँ मैं।
अण्डस-पिण्डस सबका
उद्भव मुझ ही से,
अणु बनकर भी
होता पराभव मुझ ही से।

4 Likes · 2 Comments · 80 Views
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