Sep 24, 2016 · 1 min read

बिन बेटी ममता न पूरी

बिन बेटी ममता न पूरी
माँ की कितनी आस अधूरी ।
बेटी है हर घर का गहना
बिन बेटी सब आँगन सूना ।
बेटी बिना त्योहार अधूरे
बेटी बिना संस्कार न पूरे ।
बेटी है माँ की परछाई
फिर बेटी कैसे हुई परायी ?
बेटी है पापा का अभिमान
उससे पाते सब सम्मान ।

डॉ रीता
आया नगर,नई दिल्ली- 47

204 Views
You may also like:
छलकाओं न नैना
Dr. Alpa H.
जिंदगी की कुछ सच्ची तस्वीरें
Ram Krishan Rastogi
वर्तमान परिवेश और बच्चों का भविष्य
Mahender Singh Hans
सोने की दस अँगूठियाँ….
Piyush Goel
💐प्रेम की राह पर-30💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
poem
पंकज ललितपुर
परीक्षा को समझो उत्सव समान
ओनिका सेतिया 'अनु '
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
परछाई से वार्तालाप
Ram Krishan Rastogi
इंसान जीवन को अब ना जीता है।
Taj Mohammad
हमने प्यार को छोड़ दिया है
VINOD KUMAR CHAUHAN
गृहणी का बुद्धत्व
पूनम कुमारी (आगाज ए दिल)
तुम हो
Alok Saxena
आइसक्रीम लुभाए
Buddha Prakash
ख्वाब
Swami Ganganiya
महामोह की महानिशा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब
Pt. Brajesh Kumar Nayak
सत्यमंथन
मनोज कर्ण
वो
Shyam Sundar Subramanian
शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी
Jatashankar Prajapati
1-अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा2- अश्म पर मेरा...
Pt. Brajesh Kumar Nayak
राई का पहाड़
Sangeeta Darak maheshwari
।। मेरे तात ।।
Akash Yadav
आरज़ू है बस ख़ुदा
Dr. Pratibha Mahi
ग़ज़ल- मज़दूर
आकाश महेशपुरी
*!* सोच नहीं कमजोर है तू *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
महाराणा का शौर्य
Ashutosh Singh
ग्रीष्म ऋतु भाग 1
Vishnu Prasad 'panchotiya'
मातृदिवस
Dr Archana Gupta
The Buddha And His Path
Buddha Prakash
Loading...