Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 21, 2022 · 1 min read

बिक रहा सब कुछ

जमीर बिक रहा है, इंसान बिक रहा है
दो पैसे में यहां हर ईमान बिक रहा है

ढूंढने की ज्यादा जरूरत नहीं है अब
मंदिर, मस्जिदों में, राम रहमान बिक रहा है

नफरत की आंधियों का तुफां सा है फैला
जहर दिलों में इंसा के , कितना घुल रहा है

शास्त्री का दोस्त रजा, अब्दुल का मोहन
नाम अब घरों पर अलग रंग से पुत रहा है

पानी गंगा जमुना का तो था सफेद नीला
पानी संगम प्रयाग में, पर लाल मिल रहा है

डा. राजीव “सागर”

1 Like · 71 Views
You may also like:
खुशबू
DESH RAJ
प्रेयसी
Dr. Sunita Singh
$दोहे- सुबह की सैर पर
आर.एस. 'प्रीतम'
✍️मी फिनिक्स...!✍️
"अशांत" शेखर
जग के पिता
DESH RAJ
विन मानवीय मूल्यों के जीवन का क्या अर्थ है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
मनमीत मेरे
Dr.sima
ज़ालिम दुनियां में।
Taj Mohammad
माँ
संजीव शुक्ल 'सचिन'
पिता क्या है?
Varsha Chaurasiya
वक्त
AMRESH KUMAR VERMA
बारिश का सुहाना माहौल
KAMAL THAKUR
【26】**!** हम हिंदी हम हिंदुस्तान **!**
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
विश्वास और शक
Dr Meenu Poonia
मत छुपाओ हकीकत
gurudeenverma198
ख़ुशी
Alok Saxena
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
दोहे
सूर्यकांत द्विवेदी
गौरैया बोली मुझे बचाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
*हिम्मत मत हारो ( गीत )*
Ravi Prakash
आंधी में दीया
Shekhar Chandra Mitra
हम गरीब है साहब।
Taj Mohammad
बदल जायेगा
शेख़ जाफ़र खान
डरता हूं
dks.lhp
चंद सांसे अभी बाकी है
Arjun Chauhan
सच्चाई का दर्पण.....
Dr. Alpa H. Amin
भाग्य का फेर
ओनिका सेतिया 'अनु '
स्वर कोकिला
AMRESH KUMAR VERMA
अनमोल जीवन
आकाश महेशपुरी
खोकर के अपनो का विश्वास...। (भाग -1)
Buddha Prakash
Loading...