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Nov 16, 2016 · 1 min read

बात न होती गऱ

बात न होती गऱ बात ही कियूं होती
नजर जुदा न कभी किसी से यूं होती
****************************
जो न होता आइंदा हमारा जुदा-जुदा
बात हर एक न फिर ज्यूं कि तयूं होती
*****************************
कपिल कुमार
16/11/2016

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