Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#21 Trending Author

बांस का चावल

मरते हुए बांस की अंतिम
निशानी बांस चावल
छः हजार प्रजातियों में
सबसे खास बांस चावल

आदमी के अंतिम गति में
होता रहा हर दम शरीक
कई बार कटा बढ़ता रहा
खड़ा रहा सदा निर्भीक

मरते – मरते बांस अपना
आखिरी पल दे गया
अपने अंतिम गति में भी
बांस चावल दे गया

पचास – सौ वर्षों में ऐसी
घड़ी एक – दो बार आती है
मृत्यु बांस पर भी अपनी
काली घटा लहराती है

जीवन के अंतिम सफ़र में
बांस भी आ जाता है
जो आदमी के अंतिम सफ़र में
कई घाट तक चला जाता है

बहुत ही ख़ास है
चावल -ए – अर्पण बांस का
क्या मानव भूल सकेगा
ऐसा समर्पण बांस का

आदिवासियों के बीच रहकर
हर पड़ाव पर सहारा बना
जाने की बारी जब उसकी आई
वह भी बड़ा बेचारा बना

सारे पोषक तत्वों को
जीवन पर्यन्त समेट कर
चला जाता है संसार से बांस
एक अनमोल निशानी भेंट कर

बांस की कहानी का अंत
इस तरह से हो गया
जाते-जाते इस धरा से
इसी धरा में खो गया
कविता – बांस का चावल
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

1 Like · 105 Views
You may also like:
जाको राखे साईयाँ मार सके न कोय
Anamika Singh
की बात
AJAY PRASAD
रोज हम इम्तिहां दे सकेंगे नहीं
Dr Archana Gupta
मृत्यु डराती पल - पल
Dr.sima
पुस्तक समीक्षा -कैवल्य
Rashmi Sanjay
✍️मैं एक मजदुर हूँ✍️
"अशांत" शेखर
"स्नेह सभी को देना है "
DrLakshman Jha Parimal
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग६]
Anamika Singh
हवलदार का करिया रंग (हास्य कविता)
दुष्यन्त 'बाबा'
हाइकु__ पिता
Manu Vashistha
" पवित्र रिश्ता "
Dr Meenu Poonia
छोटा-सा परिवार
श्री रमण
सहारा
अरशद रसूल /Arshad Rasool
गर्मी का कहर
Ram Krishan Rastogi
वसंत का संदेश
Anamika Singh
कोई तो है कहीं पे।
Taj Mohammad
जब हम छोटे बच्चे थे ।
Saraswati Bajpai
पिता
Manisha Manjari
भगवान सुनता क्यों नहीं ?
ओनिका सेतिया 'अनु '
खिला प्रसून।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
अफसोस-कर्मण्य
Shyam Pandey
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
🙏विजयादशमी🙏
पंकज कुमार "कर्ण"
नात،،सारी दुनिया के गमों से मुज्तरिब दिल हो गया।
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
पानी
Vikas Sharma'Shivaaya'
"वो पिता मेरे, मै बेटी उनकी"
रीतू सिंह
अंजान बन जाते हैं।
Taj Mohammad
“ कोरोना ”
DESH RAJ
समय भी कुछ तो कहता है
D.k Math
जलियांवाला बाग
Shriyansh Gupta
Loading...