Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 28, 2021 · 1 min read

बहुतों के जाने का गम ______ गजल/गीतिका

बहुतों के जाने का गम हुआ है।
वक़्त भी अब कुछ नम हुआ है।
पूरी तरह लौटे खुशियां फिर से,
दिन रात मांगते रहते हम दुआ है।।
दौर था मुश्किलों भरा,मानव था डरा डरा।
निभाया साथ सबने,महारोग कम हुआ है।।
जागरूकता _ सजगता अब भी जरूरी हे।
कीड़ा अदृश्य अभी कहां ख़तम हुआ है।।
वक़्त की थी मार,सभी तो थे लाचार।
“प्रकृति”तेरा हम पर रहम हुआ है।।
खोया जिन्हें,उन्हें भूल तो सकते नहीं।
रखना प्रभु शरण अपनी, उन पर सितम हुआ है।।
___राजेश व्यास अनुनय___

4 Likes · 6 Comments · 131 Views
You may also like:
✍️आखरी कोशिश✍️
"अशांत" शेखर
ये सियासत है।
Taj Mohammad
पिता
Dr.Priya Soni Khare
खामों खां
Taj Mohammad
*कॉंवड़ (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
चेहरे पर कई चेहरे ...
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
सरकारी निजीकरण।
Taj Mohammad
सच
Vikas Sharma'Shivaaya'
उन्हें क्या पता।
Taj Mohammad
सोलह शृंगार
श्री रमण 'श्रीपद्'
पानी बरसे मेघ से
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
इन्साफ
Alok Saxena
जुल्फ जब खुलकर बिखर गई
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
“ कोरोना ”
DESH RAJ
मेरा सुकूं चैन ले गए।
Taj Mohammad
पहले ग़ज़ल हमारी सुन
Shivkumar Bilagrami
खुद के बारें में
Dr fauzia Naseem shad
✍️✍️जिंदगी✍️✍️
"अशांत" शेखर
नियमित बनाम नियोजित(मरणशील बनाम प्रगतिशील)
Sahil
मेरे पापा
Anamika Singh
चलो एक पत्थर हम भी उछालें..!
मनोज कर्ण
पिता क्या है?
Varsha Chaurasiya
गीत... हो रहे हैं लोग
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
मुझको रूलाया है।
Taj Mohammad
दिल्लगी
Harshvardhan "आवारा"
** दर्द की दास्तान **
Dr.Alpa Amin
पिता
Surabhi bharati
महाराष्ट्र की स्थिती
बिमल
एक मुद्दत से।
Taj Mohammad
श्री गंगा दशहरा द्वार पत्र (उत्तराखंड परंपरा )
श्याम सिंह बिष्ट
Loading...