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बगल के नासूर हैं

कुसूरवार है येे मुँह पर
कब तलक ताले रहेंगे
नासूर हैं बगल के इन्हें
कब तलक पाले रहेंगे।
जब भी किया है
पीठ पे वार किया है
कंधार, मुंबई, संसद कांड
और अब उरी का
बीभत्स जघन्य कांड
कितनी घृणा भरी है
उनकी फितरत में
एक कश्मीर के लिए
इतना हंगामा बरपा
और कितने
देखेंगे हम कांड
और कब तक
रहेंगे हम मौन
कश्मीर के लिए ये
किया कराया सारा है
भारत के मुसलमानों को
शर्मसार किया है
उनके मुँह पर
तमाचा मारा है
लोगों में खून उबल रहा है
लेकिन राजधानी में
समझ नहीं आता
क्या चल रहा है।
क्‍यों चुप है मुँह पर
कब तक ताले रहेंगे
बगल के नासूर हैं
कब तक पाले रहेंगे।

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